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फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना चाहते हैं तो कहीं और क्यों जाना, अमन मस्कीन आपके पास हैं - UNN Live

नई दिल्लीः अंग्रेजी इस समय हमारी जरुरतों में शामिल हो चुकी है और इसके लिए कई कंपनियां हैं जो मोटा पैसा आपसे वसूल रहीं हैं। ऐसे में एक युवक ने लोगों को जगाने का काम किया है जिसका नाम है अमन मस्कीन।

अमन मस्कीन भारत देश के सबसे चहिते स्पोकन इंग्लिश ट्रेनर्स में से एक हैं| वे इंग्लिश के किसी भी मुश्किल कॉन्सेप्ट को नए आसान परिवर्तनात्‍मक तरीके से समझाने के लिए भारत एवं विश्वभर के बच्चों और स्पोकन इंग्लिश शिक्षकों मे काफी मशहूर हैं |

अमन द्वारा अविष्कारित इंग्लिश के दो नए कॉन्सेप्ट्स जैसे “TAV प्रिंसिपल” और “इंग्लिश स्पीकिंग बील्डिंग” बच्चों मे काफी लोकप्रिय हैं| बच्चों का ऐसा मानना है कि अमन सर के इन दोनों कॉन्सेप्ट्स की वजह से उनको पहले अपना इंग्लिश लेवल का पता चल जाता है और उसके साथ साथ वो अपने लेवल के हिसाब से इंग्लिश की प्रैक्टिस करते हैं | इन दोनों कॉन्सेप्ट्स को अनुसरण करने से उनको कम समय मे ज्यादा इंग्लिश बोलने मे सुधार अनुभव हुआ है |

अमन ने इंग्लिश लैंग्वेज में इन दो कॉन्सेप्ट के अलावा कई और कॉन्सेप्ट का भी अविष्कार किया है, जिससे भारतीय बच्चो को इंग्लिश सीखने मे कम परेशानी उठानी पड़ती है|

पिछले साल 2020 में उनको Best Educationalist की केटेगरी में “Global Excellence Award” से नवाज़ा गया और Josh talks नाम के एक YouTube चैनल पर अपनी लाइफ स्टोरी से भारतीय बच्चों को मोटीवेट करने के लिए बुलाया गया | उस वीडियो के माध्यम से अमन मस्कीन साढ़े तीन लाख से ज्यादा बच्चों को प्रेरित कर चुके हैं| उनकी इन्ही सभी उपलब्धियों को मान्यता देते हुए उनको 25 अगस्त 2021 Brands Impact द्वारा आयोजित “Education Excellence Awards” में “Most Celebrated Professional Communication Coach of the year 2021” अवार्ड सम्मानित किया गया है|

अमन मस्कीन का सपना है कि वो हर भारतीय की इंग्लिश स्पीकिंग सुधारने मे उनकी मदद कर सकें| वो समझते हैं कि स्कूल एवं कॉलेज मे पढ़ाई जाने वाली अंग्रेजी काफी ज्यादा जटिल है जो बच्चों को अच्छे नम्बर लाने मे मदद तो करती है परन्तु इंग्लिश बोलने का कॉन्फिडेंस नहीं दे पाती| ख़ास बात तो यह है कि अच्छी इंग्लिश बोलने के लिए स्कूल एवं कॉलेज मे पढाई जाने वाली इंग्लिश का सिर्फ 10 प्रतिशत ही काफी है| अमन समझते हैं कि स्पोकन इंग्लिश के लिए ज्यादा पढ़ने की जरुरत नहीं बल्कि महत्वपूर्ण चीजों को समझने और उनकी प्रैक्टिस करना जरूरी है| अमन भारत देश में काफी चुनिंदा अध्यापकों में से एक हैं जो इंग्लिश ग्रामर को बिना किसी “sub +obj ” के नियम की मदद से बच्चों को समझा सकते हैं|